21 दिन के लॉकडाउन से रोडवेज में तैनात हजारों संविदा कर्मचारियों को खाने-पीने का संकट खड़ा होने का डर सताने लगा है । परिवहन निगम में तैनात हजारों संविदा चालकों परिचालकों के अलावा तकनीकी कर्मचारियों को ड्यूटी करने के एवज में ही एक निश्चित भुगतान किया जा सकता है । लेकिन अब जबकि पूरी तरह लॉकडाउन है और गाड़ियों का संचालन ठप है तो ऐसे कर्मचारियों खाने-पीने का डर सताने लगा है ।
कई कर्मचारियों ने साफ शब्दों में कहा कि उनके पास इतना पैसा नहीं है कि वह आने वाले 10 दिन बाद कुछ खरीद सकें । ऐसे कर्मचारियों की मदद के लिए तमाम कर्मचारी संगठन आगे आ रहे हैं । उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के प्रदेश महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि यदि परिवहन निगम प्रबंधन के सामने बजट का संकट है तो सरकार को वित्तीय वर्ष 2020-21 में प्रावधान किए गए बजट में से कुछ बजट तत्काल परिवहन निगम प्रबंधन को दे देना चाहिए, ताकि कम से कम संविदा कर्मचारियों का वेतन दिया जा सके ।
महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि प्रबंधन को सबसे पहले संविदा कर्मचारियों का वेतन भुगतान करना चाहिए क्योंकि उन्हें नियमित कर्मचारियों को जितना वेतन नहीं मिलता है । महामंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि सरकार को नए बस अड्डों के निर्माण व सुविधाओं के विकास के लिए जो 60 करोड़ के बजट का प्रावधान किया है उसमें से कुछ का कुछ बजट का आवंटन तत्काल किया जाए, ताकि वित्तीय संकट से जूझ रहे परिवहन निगम को मदद मिल सके और कर्मचारियों का बकाया वेतन भुगतान किया जा सके।